Home Information Festival धनतेरस क्यों मनाते है ? Why Dhanteras is celebrated ?

धनतेरस क्यों मनाते है ? Why Dhanteras is celebrated ?

0
888

धनतेरस क्यों मनाते है 2022 : सनातन धर्म मे सभी तिथियों का अपना अलग ही महत्व है । कहते है भारत मे रोज एक पर्व होता है । मुख्य पर्वों मे होली ,दीपावली ,रक्षाबंधन एवं कृष्ण जन्म अष्टमी मनाने के कुछ ना कुछ कारण जरूर है । उसी तरह से धनतेरस का त्योहार भी बड़े धूमधाम से मनाया जाता है ? आज के पोस्ट मे हम जानेंगे धधनतेरस मनाए जाने के पीछे का महत्व क्या है ?

कहा जाता है कि एक समय भगवान विष्णु मृत्युलोक में विचरण करने के लिए आ रहे थे तब लक्ष्मी जी ने भी उनसे साथ चलने का आग्रह किया। तब विष्णु जी ने कहा कि यदि मैं जो बात कहूं तुम अगर वैसा ही मानो तो फिर चलो। तब लक्ष्मी जी उनकी बात मान गईं और भगवान विष्णु के साथ भूमंडल पर आ गईं। कुछ देर बाद एक जगह पर पहुंचकर भगवान विष्णु ने लक्ष्मी जी से कहा कि जब तक मैं न आऊं तुम यहां ठहरो। मैं दक्षिण दिशा की ओर जा रहा हूं,तुम उधर मत आना। विष्णुजी के जाने पर लक्ष्मी के मन में कौतुहल जागा कि आखिर दक्षिण दिशा में ऐसा क्या रहस्य है जो मुझे मना किया गया है और भगवान स्वयं चले गए।

लक्ष्मी जी से रहा न गया और जैसे ही भगवान आगे बढ़े लक्ष्मी भी पीछे-पीछे चल पड़ीं। कुछ ही आगे जाने पर उन्हें सरसों का एक खेत दिखाई दिया जिसमें खूब फूल लगे थे। सरसों की शोभा देखकर वह मंत्रमुग्ध हो गईं और फूल तोड़कर अपना श्रृंगार करने के बाद आगे बढ़ीं। आगे जाने पर एक गन्ने के खेत से लक्ष्मी जी गन्ने तोड़कर रस चूसने लगीं।

उसी क्षण विष्णु जी आए और यह देख लक्ष्मी जी पर नाराज होकर उन्हें शाप दे दिया कि मैंने तुम्हें इधर आने को मना किया था,पर तुम न मानी और किसान की चोरी का अपराध कर बैठी। अब तुम इस अपराध के जुर्म में इस किसान की 12 वर्ष तक सेवा करो। ऐसा कहकर भगवान उन्हें छोड़कर क्षीरसागर चले गए। तब लक्ष्मी जी उस गरीब किसान के घर रहने लगीं।

एक दिन लक्ष्मीजी ने उस किसान की पत्नी से कहा कि तुम स्नान कर पहले मेरी बनाई गई इस देवी लक्ष्मी का पूजन करो,फिर रसोई बनाना,तब तुम जो मांगोगी मिलेगा। किसान की पत्नी ने ऐसा ही किया। पूजा के प्रभाव और लक्ष्मी की कृपा से किसान का घर दूसरे ही दिन से अन्न,धन,रत्न,स्वर्ण आदि से भर गया। लक्ष्मी ने किसान को धन-धान्य से पूर्ण कर दिया। किसान के 12 वर्ष बड़े आनंद से कट गए। फिर 12 वर्ष के बाद लक्ष्मीजी जाने के लिए तैयार हुईं।

विष्णुजी लक्ष्मीजी को लेने आए तो किसान ने उन्हें भेजने से इंकार कर दिया। तब भगवान ने किसान से कहा कि इन्हें कौन जाने देता है,यह तो चंचला हैं, कहीं नहीं ठहरतीं। इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके। इनको मेरा शाप था इसलिए 12 वर्ष से तुम्हारी सेवा कर रही थीं। तुम्हारी 12 वर्ष सेवा का समय पूरा हो चुका है। किसान हठपूर्वक बोला कि नहीं अब मैं लक्ष्मीजी को नहीं जाने दूंगा।

तब लक्ष्मीजी ने कहा कि हे किसान तुम मुझे रोकना चाहते हो तो जो मैं कहूं वैसा करो। कल तेरस है। तुम कल घर को लीप-पोतकर स्वच्छ करना। रात्रि में घी का दीपक जलाकर रखना और शायंकाल मेरा पूजन करना और एक तांबे के कलश में रुपए भरकर मेरे लिए रखना,मैं उस कलश में निवास करूंगी। किंतु पूजा के समय मैं तुम्हें दिखाई नहीं दूंगी। इस एक दिन की पूजा से वर्ष भर मैं तुम्हारे घर से नहीं जाऊंगी। यह कहकर वह दीपकों के प्रकाश के साथ दसों दिशाओं में फैल गईं। अगले दिन किसान ने लक्ष्मीजी के कथानुसार पूजन किया। उसका घर धन-धान्य से पूर्ण हो गया। इसी वजह से हर वर्ष तेरस के दिन लक्ष्मीजी की पूजा होने लगी।

आरती संग्रह :

श्री शनि देव जी की आरती / lyrics हिन्दी में : आरती कीजै नरसिंह कुंवर की

श्री गणेश जी आरती / lyrics हिन्दी में  : जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा

संतोषी माता की आरती / lyrics हिन्दी में  : जय सन्तोषी माता आरती

श्री कृष्ण जी की आरती / lyrics हिन्दी में  : आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी

दुर्गा माता आरती लीरिक्स / lyrics हिन्दी में : जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी – आरती

माँ काली आरती लीरिक्स / lyrics हिन्दी में : अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती

श्री दुर्गा चालीसा  लीरिक्स / lyrics हिन्दी में : नमो नमो दुर्गे सुख करनी,नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ।

दुर्गा माता आरती लीरिक्स / lyrics हिन्दी में : जय अम्बे गौरी माँ दुर्गा जी की आरती

Janmashtami 2022 Date: श्रीक़ृष्ण जन्म अष्टमी 2022 कब है ,पूजा विधि, शुभ मुहूर्त ।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.